Napačna izbira? Nič za to! Izdelke lahko vrnete do 30 dni
Z darilnim bonom ne morete zgrešiti. Obdarovanec lahko v zameno za darilni bon izbere karkoli iz naše ponudbe.
Do 30 dni za vračilo
अंतर्मन पीडा़ ही अंतर्मन पुस्तक का आधार है। यह पुस्तक यथार्थ और सत्य के बीच अंतर को स्पष्ट करती है और समाज में व्याप्त विसंगतियों को उद्घाटित करती है। साथ ही अपील करती है कि हमें गलत को ग़लत कहने की सामर्थ्य रखनी चाहिए। लेखक ने समाजिक जीवन में रहते हुए जिन तकलीफों व विसंगतियों को महसूस किया है, वैसा ही इस पुस्तक में लिख दिया है। एक संवेदनशील मन जो भी महसूस करता है, उसके उद्गार इस पुस्तक में समाहित है।
इस पुस्तक में लेखक की प्रमुख इक्यावन (51) कविताओं का यह संग्रह यथार्थवादी दृष्टिकोण रखने वालों के लिए महत्वपूर्ण दस्तावेज है।
Pozdravljeni! Sem Libroamiko, vaš knjižni svetovalec.
Kako vam lahko pomagam?